शनिवार, 5 फ़रवरी 2011

बसंत आने को है


फिर तुम्हारी गोरी पतली उँगलियों में
सरसों के फूल नज़र आने लगे
फिर उस बीजूके के इर्द-गिर्द
मंडराने लगीं तुम्हारी खुशबुएँ
कुए के आसार पर गूंजने लगीं जब
पंखुड़ी सी तुम्हारी मुस्कुराहटें

मुझे लगने लगा है
बसंत आने को है

9 टिप्‍पणियां:

  1. क्या बात है .....
    यूँ भी बसंत आता है अब पता चला .....

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  2. वसन्त की आप को हार्दिक शुभकामनायें !

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  3. बहुत ही सुन्दर वासंती रचना ! मन को महका गयी !

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  4. बहुत सुंदरता से बताया कि वसंत आने वाला है..

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  5. बहुत ही सुन्‍दर प्रस्‍तुति ।

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  6. वाह जी , वाह !
    बहुत सुन्दर !
    खूब लिखा !
    बधाई हो !

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